भारतको मुस्कुराते देखा है

67 साल पहले एक गुजराती ने देश को 
अंग्रेजों से मुक्त किया था.....  
अब 67 साल बाद एक गुजराती ने देश को 
कांग्रेस से मुक्त किया है......

पहले वाला गुजराती 'नोटो' पर छा गया,
अभी वाला गुजराती 'वोटों' पर छा गया..

ऐ दोस्त खिडकिया खोल के देखने दे मुझे...
मेरे वतन की नई तस्वीर बन रही है...


आज भारत फिरसे आजाद हुआ...
पहला इग्लेड की रानी से...
और आज "इटली की नौकरानी" से...

जो पढ़ सके न खुद, किताब मांग रहे है,
खुद रख न पाए, वे हिसाब मांग रहे है।


जो कर सके न साठ साल में कोई विकास देश का, 
वे 1 साल में जवाब मांग रहे है।
आज गधे गुलाब मांग रहे है, 
चोर लुटेरे इन्साफ मांग रहे है।

जो लुटते रहे देश को 60 सालों तक,
सुना है आज वो 1 साल का हिसाब मांग रहे है ?


ये???
वर्षों बाद एक नेता को माँ गंगा की आरती करते देखा है,
वरना अब तक एक परिवार की समाधियों पर फूल चढ़ते देखा है।
वर्षों बाद एक नेता को अपनी मातृभाषा में बोलते देखा है,
वरना अब तक रटी रटाई अंग्रेजी बोलते देखा है।
अब तक एक परिवार की मूर्तियां बनते देखा है।


वर्षों बाद एक नेता को संसद की माटी चूमते देखा है,
वरना अब तक इटैलियन सैंडिल चाटते देखा है।
वर्षों बाद एक नेता को देश के लिए रोते देखा है,
वरना अब तक "मेरे पति को मार दिया" कह कर 

वोटों की भीख मांगते देखा है।

पाकिस्तान को घबराते देखा है,
अमेरिका को झुकते देखा है।

इतने वर्षों बाद भारत माँ को 

खुलकर मुस्कुराते देखा है।

ମନ୍ତବ୍ୟଗୁଡିକ

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